Brahmasiddhanta

This volume deals with the establishment of brahmavad by Brahma, practical aspect of Brahma, practical aspect of Maya and the outcome of the interaction between Brahma and Maya.  The first book listed here is the Hindi translation of Ojhaji’s book by Devidut Pandit Chaturvedi and the second one contains a commentary on the subject by Giridhar Sharma Chaturvedi in Sanskrit.      
 

ब्रह्मसिद्धान्त--सृष्टिविषयक प्रचलित दस वादों को निरस्त कर ब्रह्मा द्वारा अग्नीषोमात्मक ब्रह्मवाद की स्थापना, ब्रह्म का व्यावहारिक रूप, माया का व्यावहारिक रूप, नित्य ब्रह्म से साथ माया बल द्वारा होने वाले विभिन्न सम्बन्ध और उन सम्बन्धों से होने वाला जगत् के पदार्थों के निर्माण विषयक विवेचन इस ग्रन्थ का विषय-वस्तु है जो अन्यत्र इतनी स्पष्टता से प्राप्त नहीं होता है । इस ग्रन्थ पर गिरिधर शर्मा चतुर्वेदी द्वारा ‘सिद्धान्तप्रकाशिका’ नामक संस्कृत टीका एवं देवीदत्त चतुर्वेदी द्वारा टीका सहित सम्पूर्ण ग्रन्थ का  हिन्दी अनुवाद किया गया है ।     

ब्रह्मसिद्धान्त संस्कृत टीका/ Brahmasiddhanta (with Sanskrit commentary)--download

ब्रह्मसिद्धान्त हिन्दी - 1 (Hindi translation) --download

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