Panchabhootasameeksha

Earth, water, air, sky and fire are considered as five elements of life But are they the basic elements? This was the theme of discussion organised at the Benares Hindu University in 1935. Here, various scholars presented their divergent views on the subject. Ojhaji was one of the speakers at the meeting and this is the collection of his views on the subject. Such compelling was his argument that these indeed were the basic elements of life that the conference readily accepted the proposition.


पञ्चभूतसमीक्षा --पृथिवी, जल, तेज, वायु एवं आकाश इन पंचमहाभूतों को भारतीय पाँच तत्त्व मानते हैं परन्तु ये मौलिक तत्त्व हैं या नहीं इसको लेकर १९३५ ई. में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में एक पञ्चमहाभूत परिषद् बुलायी गयी थी, जहाँ इसके तत्त्वविषयक पक्ष एवं विपक्ष की बात को सुनकर ओझाजी द्वारा अपना विचार प्रकट किया गया था, यह उसी पञ्चमहाभूत विषयक विचारों का संकलन है । वहाँ ओझाजी द्वारा पञ्चमहाभूतों के तत्त्वविषयक पक्ष में सुदृढ तर्क प्रस्तुत किया गया जिससे उस परिषद् में पञ्चमहाभूत सिद्धान्त को सुस्थिर मान लिया गया ।
 

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