Pandit Motilal Shastri Memorial Lecture 2018

Veda ka svarup (forms of Veda) -- The Veda is not bound by time and space, and is boundless.


  It was the essence of Creation.  said Prof. Yugal Kumar Mishra, former Chancellor, Jagadguru Ramanandacharya Rajasthan Sanskrit Vishvavidyalaya, Jaipur, at the Pandit Motilal Shastri Memorial Lecture organised on September 28, 2018, in New Delhi. Read full report


 

वेद का स्वरूप

मुख्य वक्ता प्रो. युगल किशोर मिश्र, पूर्वकुलपति, जगद्गुरुरामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर ने कहा कि  वेद अनन्त है। ‘अनन्ता वै वेदाः’ इस का प्रतिपादन करते हुए उन्होंने कहा कि ऋषि भारद्वाज ने इन्द्र से वेदाध्ययन के लिए पुनः एक जीवन की याचना की। इस के उत्तर में इन्द्र ने ऋषि से कहा कि अनेक जन्म मिलने पर भी वेद विद्या के सीमा को प्राप्त नहीं किया जा सकता है। स्वप्न में जिस किसी चीज का साक्षात्कार होता है वह नित्य है। श्री शंकर शिक्षायतन द्वारा २८ सितम्बर २०१८ को पण्डित मोतीलाल शास्त्री स्मारक व्याख्यान का समायोजन इण्डिया इन्टर नेशनल सेंटर में  मध्याह्न २ से ५ तक ‘वेद का स्वरूप’ विषय पर किया गया। आगे पढ़े