National Webinar on Rajovada

   Report of the National Webinar on Rajovada in English and Hindi.                                                                                                                                                              

webinar

 

Rajovada is part of a series of books authored by renowned Vedic scholar Pandit Madhusudan Ojha on the subject of creation. Based on the nasadiya sukta of the Rigveda, Ojhaji has explored various questions of Creation in these books. Shri Shankar Shikshayatan organised a national webinar on Rajovada on June 29, 2021 as part of a series of discourses on Ojhaji’s works on the mysteries of Creation. This was the sixth webinar in the series this year. Read full report here

 


प्रतिवेदन

पण्डित मधुसूदन ओझा प्रणीत सृष्टिविषयक १० वादग्रन्थों में ‘रजोवाद’ एक अन्यतम ग्रन्थ है। पण्डित मधुसूदन ओझाजी ने अपने ब्रह्मविज्ञान सम्बन्धी ग्रन्थ के अन्तर्गत ऋग्वेद के नासदीय सूक्त एवं उसके आधार पर ब्राह्मणों, आरण्यकों एवं अन्य परवर्ती वैदिक ग्रन्थों में प्रतिपादित सृष्टिविषयक सन्दर्भों का आलोडन करते हुए उनको आधार बना कर सृष्टिविषयक पूर्वपक्ष के रूप में व्याख्यायित सदसद्वाद, आवरणवाद, व्योमवाद, अम्भोवाद एवं अपरवाद आदि मतों के स्पष्टतया प्रतिपादन हेतु १० वादग्रन्थों का प्रणयन किया है। इन्हीं दस ग्रन्थों में से एक रजोवाद नामक ग्रन्थ में सृष्टिप्रतिपादक पूर्वपक्ष में रूप में ऋग्वेद के नासदीय सूक्त में उद्धृत सृष्टिविषयक रजोवाद का स्पष्टतया प्रतिपादन किया गया है। इसी ग्रन्थ को आधार बनाकर श्री शंकर शिक्षायतन (वैदिक शोध केन्द्र) नई दिल्ली द्वारा दिनांक २९ जून २०२१ को एक राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का समायोजन किया गया। यह समायोजन शिक्षायतन द्वारा सृष्टिविषयक वादग्रन्थविमर्श शृखला के अन्तर्गत प्रवहमान इस वर्ष का छठा समायोजन था।    पूर्ण विवरण पढ़े 

 

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