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National Seminar on Indravijayah--Bharatavarsha Narrative

Indravijayah is an important work on vedic science by Vidyavachaspati Pandit Madhusudan Ojha. In this book, Ojhaji has explained the meaning of the name Bharatavarsha and its geographical and historical context. Shri Shankar Shankar has translated this work into English, Bharatavarsha--The India Narrative. This year, the institute proposes to hold monthly discussions on various aspects of this important work of Pandit Madhusudan Ojha. The first seminar held on January 31, 2024 focuses on the meaning of Bharatavarsha as illuminated by Ojhaji. Read full report

राष्ट्रीय संगोष्ठी : इन्द्रविजय : भारतवर्ष आख्यान-विमर्श 

विद्यावाचस्पति पण्डित मधुसूदन ओझा ने वैदिक विज्ञान को उद्घाटित करने के लिए अनेक ग्रन्थों का प्रणयन किया है। उनके द्वारा प्रणीत ग्रन्थों में ‘इन्द्रविजय’ नामक ग्रन्थ का महत्त्वपूर्ण स्थान है। इस ग्रन्थ में पं. ओझाजी ने विविध वैदिक एवं पौराणिक उद्धरणों को प्रस्तुत करते हुए भारतवर्ष के ऐतिहासिक एवं भौगोलिक स्वरूप का प्रामाणिक विवेचन प्रस्तुत किया है।  श्रीशंकर शिक्षायतन वर्ष 2024 के अपने ऑनलाईन मासिक संगोष्ठी कार्यक्रम के अन्तर्गत ओझाजी के ‘इन्द्रविजय’ नामक ग्रन्थ को आधार बनाकर इस वर्ष इन्द्रविजय : भारतवर्ष आख्यान-विमर्श नामक एक विशिष्ट शृंखला का शुभारम्भ हुआ। जिसके अन्तर्गत प्रत्येक महीने एक ऑनलाईन संगोष्ठी समायोजित की जायेगी जिसमें इस ग्रन्थ के प्रत्येक विषय पर इस विषय के विशेषज्ञ विद्वानों द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श किया जायेगा।  प्रस्तुत संगोष्ठी इस विमर्शशृंखला के अन्तर्गत समायोजित होने वाली प्रथम संगोष्ठी है जो इन्द्रविजय के भारतपरिचय नामक प्रथम प्रक्रम के कुछ बिन्दुओं को आधार बनाकर समायोजित की जा रही है। पूर्ण विवरण यहाँ पढ़े

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