राष्ट्रीय संगोष्ठी–शतपथ ब्राह्मण श्रृंखला
हमें शतपथ ब्राह्मण पर चर्चाओं की सालाना श्रृंखला की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। शतपथ ब्राह्मण में 100 अध्याय हैं । इस खंड में यजुर्वेद की व्यापक व्याख्या है । यजुर वेद, पारंपरिक शब्दों में, चार वेदों में से एक है । तत्त्व या सार के संदर्भ में, यह यजुर्वेद है । इसमें दो शब्द हैं-यथ और जू। ये प्राण , वायु , गति और वाक का उल्लेख करते हैं ।पंडित मोतीलाल शास्त्री की हिंदी में शतपथ ब्राह्मण की व्याख्या यजुर्वेद के विभिन्न पहलुओं में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है ।इसे यहां पढ़ें–https://shankarshikshayatan.org/shatpatha-brahmana/ पहला सेमिनार 31 जनवरी, 2026 को ऑनलाइन हो रहा है। विषय है: वृत्तोपायन। आप सभी को सादर आमंत्रित किया जाता है।