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राष्ट्रीय संगोष्ठी–शतपथ ब्राह्मण श्रृंखला

हमें शतपथ ब्राह्मण पर चर्चाओं की सालाना श्रृंखला की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।

  शतपथ ब्राह्मण में 100 अध्याय हैं । इस खंड में यजुर्वेद की व्यापक व्याख्या है । यजुर वेद, पारंपरिक शब्दों में, चार वेदों में से एक है । तत्त्व या सार के संदर्भ में, यह यजुर्वेद है । इसमें दो शब्द हैं-यथ और जू। ये प्राण , वायु , गति और वाक का उल्लेख करते हैं ।पंडित मोतीलाल शास्त्री की हिंदी में शतपथ ब्राह्मण की व्याख्या यजुर्वेद के विभिन्न पहलुओं में अंतर्दृष्टि प्रदान करती है ।इसे यहां पढ़ें–https://shankarshikshayatan.org/shatpatha-brahmana/

पहला सेमिनार 31 जनवरी, 2026 को ऑनलाइन हुआ था। विषय था: वृतोपयान।

दूसरा सेमिनार 28 फरवरी, 2026 को हुआ था। चर्चा का विषय था: अपामप्रणायन

परिसतरण और पात्रसादन (श्रृंखला 3) पर तीसरा सेमिनार 31 मार्च, 2026 को आयोजित किया गया।

इस शृंखला का चौथा सेमिनार 30 अप्रैल, 2026 को आयोजित किया गया था ।

पांचवां सेमिनार 30 मई, 2026 को आयोजित किया गया था।

छठा सेमिनार 29 जून, 2026 को आयोजित किया गया था।

सातवाँ सेमिनार 31 जुलाई, 2026 कोआयोजित किया गया था।

आठवाँ सेमिनार अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा।

आप सभी को सादर आमंत्रित किया जाता है।

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